शोभा और आरती ने साथ में समय बिताना शुरू किया और धीरे-धीरे उनका रिश्ता सुधरने लगा। शोभा ने आरती की बातों को सुनना शुरू किया और उसकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। आरती ने भी अपनी माँ की बातों को सुनना शुरू किया और उनकी समस्याओं को समझने लगी।
शोभा ने आरती के साथ अपने रिश्ते को सुधारने के लिए एक योजना बनाई। उसने आरती को बुलाया और उससे कहा कि वह उसके साथ कुछ समय बिताना चाहती है। आरती ने पहले तो मना किया, लेकिन बाद में वह मान गई। mom with daughter story antarvasna hindi
माँ और बेटी के रिश्ते को दुनिया का सबसे पवित्र और अनमोल रिश्ता माना जाता है। एक माँ अपने बच्चे के लिए हमेशा कुछ अच्छा ही सोचती है और उनकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए हमेशा कुछ न कुछ करती रहती है। लेकिन कभी-कभी माँ और बेटी के रिश्ते में कुछ ऐसा हो जाता है जिससे उनका रिश्ता कमजोर होने लगता है। जब शोभा घर आई
एक दिन, जब शोभा घर आई, तो उसने देखा कि आरती अपने कमरे में अकेली बैठी हुई है और रो रही है। शोभा ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन आरती ने उससे कुछ नहीं कहा। शोभा ने आरती के कमरे से बाहर निकलने के बाद अपने पति से बात की और कहा कि वह आरती को नहीं समझ पा रही है। mom with daughter story antarvasna hindi